संसद का सत्र चल रहा है और इसी बीच लोकसभा में एक नए विधेयक को लेकर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। ‘जी राम जी’ बिल, जिसे MGNREGA की जगह लाने वाला कानून बताया जा रहा है, गुरुवार को लोकसभा से पास हो गया। लेकिन बिल के पेश होते ही विपक्ष ने इसका तीखा विरोध शुरू कर दिया।
हालात इतने बिगड़ गए कि सदन के अंदर विधेयक की कॉपी तक फाड़ दी गई, जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित करनी पड़ी।
क्या है ‘जी राम जी’ बिल?
‘जी राम जी’ बिल का पूरा नाम विकसित भारत – रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) बताया जा रहा है। सरकार का दावा है कि यह नया कानून ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए लाया गया है।
सरकार का कहना है कि यह बिल मौजूदा मनरेगा (MGNREGA) की जगह लेगा और इसमें रोजगार के साथ-साथ आजीविका से जुड़े नए प्रावधान जोड़े गए हैं।
MGNREGA की जगह क्यों लाया गया नया बिल?
सरकार की दलील है कि मनरेगा को लागू हुए कई साल हो चुके हैं और अब ग्रामीण भारत की जरूरतें बदल चुकी हैं।
नए बिल में:
- रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी
- कौशल आधारित काम
- डिजिटल निगरानी सिस्टम
- मजदूरी भुगतान में पारदर्शिता
जैसे बिंदुओं को शामिल करने की बात कही जा रही है।
हालांकि विपक्ष इन दावों से सहमत नहीं दिख रहा।
लोकसभा में क्यों हुआ हंगामा?
जैसे ही ‘जी राम जी’ बिल लोकसभा में पेश हुआ, विपक्षी दलों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
विपक्षी सांसदों ने:
- बिल को वापस लेने की मांग की
- संसद परिसर में विरोध मार्च निकाला
- सदन के अंदर नारेबाजी की
इसी दौरान कुछ सांसदों ने बिल की कॉपी फाड़ दी, जिससे हंगामा और तेज हो गया।
कांग्रेस और मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस बिल को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ग्रामीण गरीबों के लिए मनरेगा एक सुरक्षा कवच है और इसे हटाना गरीब विरोधी फैसला है।
कांग्रेस का कहना है कि अगर सरकार बदलाव चाहती है तो मनरेगा को मजबूत करे, न कि उसे खत्म करे।
सरकार का पक्ष क्या है?
सरकार का कहना है कि यह बिल मनरेगा को खत्म करने के लिए नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लाया गया है।
सरकार के मुताबिक:
- विकसित भारत के लक्ष्य के लिए नई सोच जरूरी है
- सिर्फ मजदूरी नहीं, स्थायी आजीविका पर जोर है
- ग्रामीण युवाओं को ज्यादा अवसर मिलेंगे
सरकार ने साफ किया कि बिल पर आगे भी चर्चा के लिए वह तैयार है।
‘जी राम जी’ बिल पर आगे क्या?
लोकसभा से पास होने के बाद अब इस बिल पर राज्यसभा में चर्चा होनी है। माना जा रहा है कि वहां भी इस पर जोरदार बहस देखने को मिलेगी।
देशभर की नजर इस बात पर टिकी है कि यह बिल ग्रामीण रोजगार की दिशा में बदलाव लाएगा या विवाद बढ़ाएगा।
निष्कर्ष
‘जी राम जी’ बिल सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की रोजगार नीति से जुड़ा बड़ा फैसला है। जहां सरकार इसे विकसित भारत की दिशा में कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे गरीबों के अधिकारों पर हमला मान रहा है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़क तक चर्चा में बना रह सकता है।