(Demons & Darkness)

पुराने बक्से में बंद शैतान: मैंने ₹500 में अपनी मौत खरीदी (सच्ची घटना)

(Introduction) हम सबको पुरानी, एंटीक चीज़ें (Antique Items) जमा करने का शौक होता है। हमें लगता है कि पुरानी चीज़ों में एक इतिहास होता है। लेकिन हम भूल जाते हैं कि इतिहास हमेशा अच्छा नहीं होता। कभी-कभी पुरानी चीज़ों के साथ उनके पुराने मालिकों की आत्माएं या उनसे जुड़ी बुरी शक्तियां भी हमारे घर आ जाती हैं। यह कहानी एक ऐसे संदूक (Box) की है जिसे कभी खोला नहीं जाना चाहिए था।

(Main Story) मेरा नाम रिया है। मुझे पुराने बाज़ारों से सामान खरीदना पसंद है। पिछले रविवार मैंने एक कबाड़ी वाले से एक बहुत ही सुंदर, नक्काशीदार लकड़ी का बक्सा खरीदा। उस पर ताला लगा था और चाबी नहीं थी। कबाड़ी वाले ने उसे बहुत सस्ते में दे दिया, जैसे वो उससे छुटकारा पाना चाहता हो।

घर लाकर मैंने हथौड़े से उसका ताला तोड़ा। बक्सा अंदर से खाली था। मुझे थोड़ी निराशा हुई। मैंने उसे अपने ड्रेसिंग टेबल पर रख दिया। लेकिन उसी रात से खेल शुरू हो गया।

रात के 3 बजे, मुझे अपने कमरे में किसी के भारी सांस लेने की आवाज़ आई। खर्र… खर्र… मुझे लगा मेरा वहम है। लेकिन अगली सुबह, मैंने देखा कि वो बक्सा… जो मैंने रात को बंद किया था… वो खुला पड़ा था।

दूसरी रात, मुझे लगा कि कोई मेरे बिस्तर के पास खड़ा है। मैंने आँखें खोलीं तो देखा कि कमरे के कोने में, जहाँ वो बक्सा रखा था, वहां अंधेरा बहुत ज्यादा गहरा था। वो अंधेरा फैल रहा था और एक मानव आकृति (Shape) ले रहा था। उस आकृति की दो लाल आँखें थीं जो मुझे घूर रही थीं।

मेरे कानों में एक भारी आवाज़ गूंजी: “तुमने मुझे आज़ाद किया है, अब मुझे शरीर चाहिए।”

अगले कुछ दिनों तक मेरे साथ अजीब हादसे हुए। मैं सीढ़ियों से गिर गई, मेरे किचन में आग लग गई। और हर बार वो बक्सा मुझे खुला हुआ मिलता। मैंने उसे घर से बाहर फेंक दिया, कूड़ेदान में डाल दिया। लेकिन शाम को जब मैं ऑफिस से लौटी… तो वो बक्सा मेरे बिस्तर के ठीक बीच में रखा था।

मैं समझ गई कि यह कोई सामान्य बक्सा नहीं है, यह एक “डिबुक बॉक्स” (Dybbuk Box) है – यहूदी मान्यताओं के अनुसार एक ऐसा संदूक जिसमें किसी दुष्ट आत्मा को कैद किया जाता है।

(Conclusion) मैंने एक तांत्रिक की मदद ली, जिसने उस बक्से को एक पवित्र लाल कपड़े में बांधा और बहती नदी में प्रवाहित करवाया। लेकिन आज भी, कभी-कभी रात के सन्नाटे में मुझे अपने कमरे के कोने से वही भारी सांसों की आवाज़ आती है।

आपसे सवाल: क्या आपने कभी कोई पुरानी चीज़ खरीदी है जिसके बाद आपको घर में नेगेटिव एनर्जी महसूस हुई हो? अपनी कहानी कमेंट्स में शेयर करें।

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